बाढ़ के पानी से गांव की सड़क टूटी एक गांव से दूसरे गांव जाने का संपर्क भी बंद

सूबे की सरकार में हर गांव में विकास की गंगा बहा दी गई है। खुटौना प्रखंड में यह चरितार्थ बिल्कुल उल्टा नजर आ गया है। नेपाल से बहने वाली मुनेरा नदी के पानी की तेज बहाव होने के कारण एक साल पहले बनी सड़क करीब चार फीट तक टूट गई है। वहीं अन्य कई जगहों पर दरारें पड़ गयी और बीच-बीच में गड्ढे हो गई। जिससे ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है। मामला खुटौना प्रखंड के मेहसे गांव का है। बिहार सरकार मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मेहसे मध्य विद्यालय से मेहसे गांव तक की इस सड़क की लंबाई 0. 511 किलोमीटर है। 41. 588 लाख एकरारनामा की राशि से बनी इस सड़क का शिलान्यास 29 फरवरी को पूर्व आपदा मंत्री लक्षमेश्वर राय ने की थी। इस सड़क पर कार्य प्रारंभ 4 दिसम्बर 2019 और पूर्ण 3 सिंतबर 2020 हो हुई है। जिसके संवेदक विश्वनाथ यादव है। मालूम हो कि मेहसे गांव से दुबर्बोंना जानी वाली एक मात्र प्रमुख सड़क है। सड़क टूट जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए भी संपर्क टूट गया है।
इन गांव में जा सकती है बाढ़ का पानी : मेहसे, दुबर्बोंना, कोल्हत्ता, कमलपुर, धुनकी आदि गांव इस बाढ़ के पानी से प्रभावित हो सकती है। जबकि मेहसे गांव के करीब 12 सौ एकड़ खेत भी इस बाढ़ के पानी से बर्बाद हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को सड़क के ऊपर से बाढ़ का पानी का रिसाव हो रहा था। अचानक शाम को करीब चार से पांच फीट तक सड़क टूट गया। इस कारण हजारों एकड़ खेत का फसल बर्बाद हो गया है, वहीं गांव में भी पानी प्रवेश कर गया है।

सड़क के बीच तेज रफ्तार में पानी का हो रहा है बहाव:-ग्रामीण हरे राम कामत, अशोक कामत के अनुसार संवेदक और पदाधिकारियों की मिलीभगत से ही ऐसा हुआ है। जिस समय सड़क का निर्माण हो रहा था उस समय ही ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था और अधिकारियों से शिकायत की थी। बावजूद अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है इस कारण सड़क में दर्जनों जगहों पर दरार पड़ गई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि जल्द से जल्द अगर सड़क को ठीक नहीं किया गया तो, पूरे गांव में तालाब जैसी स्थिति बन जाएगी। वर्तमान समय में यह स्थिति बनी हुई की सड़क के बीच तेज रफ्तार में पानी का बहाव हो रहा है। इस कारण सबसे अधिक खतरा छोटे-छोटे बच्चों की है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में लगातार पानी में डूबने कई मासूम की जान जा चुकी है।

झंझारपुर में कमला लाल निशान से 2.30 मी. ऊपर:– झंझारपुर कमला नदी के जलस्तर खतरे के निशान से 2.30 मीटर उपर बह रही थी। लेकिन एकाएक स्थिर होने के बाद जलस्तर में गिरावट होना शुरू हो गया। जलस्तर में वृद्धि होते ही स्थानीय प्रशासन और जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों लगातार जायजा लेते रहते हैं। जलसंसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता जमील अख्तर ने बताया कि कमला नदी ख़तरे के निशान से 2 मीटर 30 सेंटी मीटर पर है जो फिलहाल स्थिर होकर जलस्तर में गिरावट हो रही है।

अब शुक्रवार को भी कमला आरती का होगा आयोजन, क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु सोमवार और शुक्रवार की कमला आरती में लेंगे भाग:-शुक्रवार को भी कमला आरती का आयोजन पर्णकुटी घाट पर किया जाएगा। जिसकी तैयारी संस्था के द्वारा पूरी कर ली गई है। प्रति शुक्रवार को आयोजित होने वाली कमला आरती कमला सेवा समिति के नेतृत्व में किये जाएंगे। संस्था के अध्यक्ष सुमन महतो ने बताया कि सावन से पूर्व पहला शुक्रवार से काशी में आयोजित होने वाली गंगा आरती के तर्ज पर ही कमला आरती की शुरुआत की गई है। अनवरत हर शुक्रवार को निष्ठापूर्वक कमला महाआरती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा सोमवार एवं शुक्रवार भोले बाबा के दिन होते है। इस दिन सच्चे मन से शिवलिंग पर जलाभिषेक करने एवं कमला आरती में भाग लेने मात्र से ही पुण्य का भागी बनते है। कमिटी के सदस्यों में बॉर्डर के लोगों से अपील किया कि कमला आरती में जरूर भाग ले। गंगा की तरह कमला भी लाखों लोगों के लिए जीवनदायनी है। जयनगर सप्ताह में दो दिन सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित कमला आरती को लेकर बॉर्डर के लोगों में हर्ष है। कमला मैया एवं हर हर भोलेनाथ की जय जयकार से चारो दिशाएं भक्तिमय में तब्दील हो गई है। शुक्रवार को आयोजित होने वाले कमला आरती को सफल बनाने के लिए नव गठित कमला सेवा समिति एक बैठक कर कई आवश्यक निर्णय लिया। ज्ञात हो कि पिछले महीने 20 जून से जयनगर में पहलीवार रेखा महतो की नेतृत्व में कमला आरती की शुभारंभ हुआ। कमला महाआरती के प्रथम दिन हजारों की संख्या में बॉर्डर के श्रद्धालु सहभागी बने। संस्था की अध्यक्षा रेखा महतो ने आगामी माघ पूर्णिमा के दिन से सोमवार के अलावा हर शुक्रवार को भी कमला आरती का आयोजन करने की बात कही थी। लेकिन दो तीन सोमवारी कमला आरती होने के बाद शुक्रवार को कमला आरती की आयोजन के लिए दूसरा संस्था कमला सेवा समिति गठन किया गया। जिसका नेतृत्व सुमन महतो करेंगे। और प्रति सोमवार को आयोजित होने वाली कमला महाआरती की नेतृत्व पूर्व से ही रेखा महतो करती आ रही है। बैठक करते कमला सेवा समिति के कार्यकर्ता।

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