RRB RRC Group D Exam 2021 : रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा में आवेदन के दौरान साढ़े चार लाख छात्रों के एप्लीकेशन फार्म निरस्त करने के मामले की सुनवाई अब 26 जुलाई को होगी। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के बाद अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तारीख तय की गई।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ मिश्र के मुताबिक 26 जुलाई को टॉप 10 केसों की सूची में इसे रखा गया। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में दो जजों की बेंच में हुई सुनवाई पर हजारों छात्रों की निगाह लगी रही। फार्म निरस्त होने के बाद रेलवे रिक्रूटमेंट सेल के रुख से नाराज करीब साढ़े चार लाख छात्र इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्हें अब न्यायालय से उम्मीद है। इस मुद्दे पर आंदोलन छेड़ रविवार को छात्रों ने ट्विटर पर इसे टॉप ट्रेंड कराया था। आरआरसी की ग्रुप डी परीक्षा के लिए 1.15 करोड़ अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आरआरसी ने 5.11 लाख छात्रों के आवेदन इनवैलिड फोटो और हस्ताक्षर के कारण निरस्त कर दिए। प्रभावित छात्रों ने ट्वीट और मेल किया तो आरआरसी ने सॉफ्टवेयर की गलती मानते हुए निरस्त फॉर्म फिर जमा करने को कहा। इस बार 44 हजार 422 आवेदन मंजूर कर लिए। बचे 4.5 लाख आवेदन निरस्त ही माने गए। ग्रुप डी की परीक्षा के लिए जो फोटो और हस्ताक्षर को सॉफ्टवेयर ने इनवैलिड माना वही एनटीपीसी परीक्षा में मान्य हो गए। ऐसे में 4.5 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटका तो उन्होंने इस लड़ाई को आगे बढ़ाया। मुख्य याचिकाकर्ता राकेश यादव का कहना है कि इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। आरआरसी की खामियों से लाखों छात्रों का सपना टूट रहा है। ट्विटर, फेसबुक से लाखों लोगों की निगाह इस मुद्​दे पर है, हम यह लड़ाई जीतकर रहेंगे। सोशल मीडिया पर हजारों छात्रों को जोड़कर मुहिम आगे बढ़ाने वाले अमित मिश्र का कहना है कि जब सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी सामने आ गई तो महज कुछ छात्रों का फॉर्म क्यों मंजूर किया गया। शेष 4.5 लाख आवेदकों की क्या गलती है

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